हिन्दी व्याकरण

भविष्यतकाल  (Future tense)

भविष्यतकाल (Future tense)

भविष्यतकाल उसे कहते है, जो क्रिया हमारे भविष्य मे होनेवाली होती है।


दुसरे रुप में – क्रिया के जिस रूप से आने वाले समय में कार्य करना या होना प्रकट हो, उसे भविष्यतकाल कहते है।

जैसेः वह कल स्कूल जाएगा।
हम फिल्म देखने जायेंगे।
किसान खेत में बीज बोयेगा।
रमेश कल पार्टी करने जायेगा।

इन वाक्यों को देखकर ही पता चलता है, कि ये क्रियाएँ आने वाले समय में पूरे होगें। अतः ये भविष्यकाल की क्रियाएँ हैं।

इसी तरह से हमको यदि पहचानना है, तो भविष्य काल के वाक्यों के अन्त में गा, गी, गे आदि आते है।


भविष्यतकाल के भेद

भविष्यतकाल के तीन भेद होते है-

  • सामान्य भविष्यत काल

  • सम्भाव्य भविष्यत काल

  • हेतुहेतुमद्भविष्य भविष्यत काल


सामान्य भविष्यत काल:-

सामान्य भविष्यत काल उसे कहते है, जो कि क्रिया के जिस रूप से उसके भविष्य में सामान्य ढंग से होने का पता चलता है, उसे भविष्यतकाल कहते हैं।
इससे यह पता चलता है कि क्रिया सामान्यतः भविष्य मे होगी।

जैसेः वह घर जायेगा।
बच्चे कैरमबोर्ड खेलेंगे।
रवि अख़बार बेचेगा।
रमेश खाना खायेगा।

इन वाक्यों में क्रियाएँ भविष्य में सामान्य रुप से
काम के होने की सुचना दे रही हैं। अतः ये सामान्य भविष्यत काल की क्रियाएँ हैं।

सम्भाव्य भविष्यत काल :-

सम्भाव्य भविष्यत काल उसे कहते है, जो क्रिया के जिस रूप से उसके भविष्य में होने की संभावना का पता चलता है, उसे सम्भाव्य भविष्यत काल कहते हैं।
जिन क्रियोओं की भविष्य में किसी कार्य के होने की संभावना होती है।

जैसेः वहा सायद मुझे आच्छा संस्कार मिले।
परीक्षा में शायद मुझे अच्छे अंक प्राप्त हों।

उपर्युक्त वाक्यों में क्रियाओं के भविष्य मे होने संभावना है। तो ये पूर्ण रुप से होगी, ऐसा निश्चित नहीं होता। अतः ये सम्भाव्य भविष्यत काल की
क्रियाएँ है।

हेतुहेतुमद्धविष्य भविष्यत काल :-

हेतुहेतुमद्धविष्य भविष्यत काल में एक क्रिया का होना दूसरी क्रिया के होने पर निर्भर करता है।

जैसेः वह आये तो मै जाऊ।
वह कमाये तो मैं खाऊँ।
वह गाये तो मैं सुनूँ।

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