हिन्दी व्याकरण

Preposition(पूर्वसर्ग) किसे कहते है?

किसी वाक्य में जो शब्द नाम और सर्वनाम को जोड़ता है और उनके बीच संबंध दिखाता है उसे पुर्वसर्ग कहते है।
जैसे :-

वाक्य पूर्वसर्ग सम्बन्ध

हरि के पास कलम है।, पास, हरि के ‘कलम’ और ‘है’ साथमे

भाइ खाटके उपर है।, उपर, भाइके ‘खाट’ और ‘है’ साथमे

c कितने प्रकारके होते है।

पूर्वसर्ग पाँच प्रकारका होता है। जैसे :

स्थानवाचक :

स्थानका सङ्केत देना पूर्वसर्ग स्थानवाचक है। जैसे : उपर, नजिक,अन्दर,बाहर, सामने इत्यादि।

= उपर वै लोग है।

= मै बाहर जा रहा हुँ।

समयवाचक :

निश्चित वा अनिश्चत समयका सङ्केत देना पूर्वसर्ग है। जैसे : बादमे,पश्चात,खराब, आगे इत्यादि।

= रमेश बादमे आएगा।

= वो आगे जारहा है।

समयवाचक :

निश्चित वा अनिश्चत समयका सङ्केत करना पूर्वसर्ग समयवाचक है।
जैसे : पीछे, देर, बेकार,आगे, पश्चात इत्यादि।

= वो लोग पीछे है।

= हम लोग आगे चल रहे है।

रीतिवाचक :

समनता वा रीति समझना पूर्वसर्ग है। जैसे : समान, के आधार पर, मार्फत,सामने, मुताबिक जैसे इत्यादि।

= तुम्हरा समान वहाँ पर है।

= तुम्हारे मुताबिक ये काम हुवा है।

कारणवाचक :

कारण समझना ही पूर्वसर्ग कारणवाचक है। जैसे : खातिर, लिए, कारण इत्यादि।

= तुम्हारे लिए ये किताब है।

= तुम किस कारण कि वजह से यहाँ नही आए।

कुछ पूर्वसर्ग :

सिर्फ, कारण, तरफ, सामने, अगलबगल, आसपास, साथ, जगह, बदलामे, अलवा, सिवाय इत्यादि।

द्रष्टव्य :

नामिक पदके साथ जोडकर आने वाले शब्द पूर्वसर्ग का काम कारता है।
एकल रूपमे (नामिक पदके साथ नजोडकर) आने वाले वही शब्द क्रियाविशेषणकका कार्य कारता है।