सर्वनाम ( Pronoun ) kya h

518

सर्वनाम ( Pronoun kya h)

सर्वनाम शब्द का उपयोग नाम के दोहराव को बदलने के लिए किया जाता है। नामों, वाक्यांशों और वाक्यों के बजाय सर्वनाम का उपयोग किया जा सकता है। यह विकार शब्दावली में आता है। इसलिए, नाम पद, नाम वाक्यांश और वाक्य के स्थान पर नामांकित शब्द को सर्वनाम कहा जाता है।

उदाहरण के लिए:

जो ध्यान से पढ़ता है, वह पास हो जाता है।

जो खराब है, उसे नही खाना चाहिए।

हरीश गीत गाता है। वह लोकप्रिय गायक है।

जो ध्यान देकर नही पढते वे असफल हो जाते हैं।

प्रयास करना चाहिए। यह अच्छी आदतें है।

सर्वनाम के प्रकार

सर्वनाम 6 प्रकार के होते है-

उदाहरण के लिए:

पुरुषवाचक सर्वनाम ( personal Pronouns) :-

पुरुषवाचक सर्वनाम उसे कहते है, जो (पुरुष या स्त्री ) के नाम के बदले में आते है। इसे तिन भाग में वर्गीकरण किया गया है।
जैसे-

उत्तम पुरुष = (वक्ता / प्रेषक) = मैं, हम, हमरा, मुझको, हमारी, मैंने, मुझे।

उदाहरण:- वाक्य द्वारा

= मैं एक डॉक्टर हूँ।

= हम छात्र हैं।

= मुझे तुमहरा अदते बहोत पसंद है।

मध्यम पुरुष = (श्रोता / प्राप्तकर्ता)

= तू, तुम्हें, आप, तुम्हारे, तुमने, आपने।
आप, यहाँ।

उदाहरण के लिए:

= आप चावल खाते हैं।

= तुम्हें स्कूल का मतलब पता हैं।

= तुमने खाना खाया।

अन्य पुरुष = (वक्ता, श्रोता या प्रेषक, /
प्राप्तकर्ता को छोड़कर):

वे, यह, वह, इनका, इन्हें, उसे, उन्होंने, इनसे, उनसे आदि।

उदाहरण के लिए:

= वह एक छात्र है।

= वे मंदिर जाते हैं।

= उसे कुछ मत कहना।

= उनसे कुछ कहना है।

निश्चयवाचक सर्वनाम ( Demonstrative Pronoun ) : –


सर्वनाम के जिस रुप से हमें यह पता चलता है किसि वस्तु या बात का निश्चित रुप से बोध होता है। उसे निश्चितवाचक सर्वनाम कहते है।

उदाहरण के लिए:

जैसे- यह, वह, ये, वे आदि।

= यह पास है।

= ये मित्र हैं।

= वह दूर है।

= वे दोस्त हैं।

अनिश्चयवाचक सर्वनाम ( Indefinite Pronoun ): –


जिस सर्वनाम के रुप के व्यक्ति या वस्तु का निश्चित बोध न हो उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते है।
जैसे- कोई, कुछ, किसि आदि।

उदाहरण के लिए:

= उसने ‘कुछ’ नही खाया।
= यहा पर ‘कोई’ नहीं आया ।

संबंधवाचक सर्वनाम ( Relative Pronoun )

जिन सर्वनाम का दुसरे सर्वनाम शब्दों से ज्ञात हो,
और दो से बढकर शब्दों के वाक्यों को जोडते हैं, उसे संबंधवाचक सर्वनाम कहते है।

उदाहरण –

जैसे- जो, जिसकी, सो, जिसने, जैसा, वैसा आदि।

= जो परिश्रम करके पढते है, वो पास हो जाते है।

= जैसा कर्म करोगे, वैसा फल पओगे।

प्रश्नवाचक सर्वनाम ( Interrogative Pronoun ) : –


किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के बारे में एक प्रश्न व्यक्त करने वाला सर्वनाम
प्रश्नवाचक सर्वनाम कहलाता है। ये सर्वनाम
निश्चितता और अनिश्चितता दोनों हैं।

उदाहरण के लिए:
जैसे- कौन, क्या, किसने आदि।

निश्चित

= कौन आया था ?

= घर पर कौन है ?

= तुम क्या खाते हो ?

= किसने किताबें मागी है ?

निजवाचक सर्वनाम ( Reflexive Pronoun )

निजवाचक उसे कहते है, जिस मे अपने पन का बोध होता है।
जिन वक्ता से अपनेपन का बोध कराया जाय उसे निजवाचक सर्वनाम कहलाते है।

जैसे- अपने आप, निजी, खुद आदि।

= आप कल स्कूल नही गए थे। ( मध्यम पुरुष – आदरसूचक)

= आप मेरे सर जी हैं। ( अन्य पुरुष – आदरसूचक)

= ईश्वर भी उन्हीं का साथ देता है, जो अपनी मदत अपने आप से करता है। ( निज़वाचक सर्वनाम )

‘आप’ शब्द का प्रयोग पुरुषवाचक तथा निजवाचक दोनों में होता है।

‘निजवाचक सर्वनाम’ का रुप ‘आप’ है। लेकिन पुरुषवाचक के अन्यपुरुषवाले ‘आप’ से इसका प्रयोग सब से अलग है। यह करता का बोध करता है, पर स्वंयम् कर्ता का काम नहीं करता। इस पुरुषवाचक में ‘आप’ बहुवचन में आदर के लिए प्रयुक्त होता है।

जैसे- मेरा सिर – आखों पर है: आप क्या राय देते है ? किन्तु, निजवाचक ‘आप’ एक ही तरह दोनों वचनों में आता है और तीनों पुरुषों मे इसका प्रयोग किया जा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here